इंफाल। मणिपुर में पिछले तीन वर्षों से जारी जातीय तनाव और हिंसा के बीच एक बार फिर हालात चिंताजनक हो गए हैं। कांगपोकपी जिले के पोंग्रिंगलांग रोंग्मेई नगा गांव में सोमवार को कथित रूप से कुकी उग्रवादी संगठन द्वारा की गई गोलीबारी के बाद लापता नगा विलेज गार्ड चुन्जांग्लुंग पान्मेई का शव जंगल से बरामद किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसके सिर में गोली मारी गई थी।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। नगा समुदाय के विभिन्न संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार कुकी समूहों का इस्तेमाल ‘शैडो वॉर’ यानी छाया युद्ध के रूप में कर रही है। हालांकि इन आरोपों पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इसी दौरान चिंग मामांग गांव में भी अज्ञात हथियारबंद लोगों द्वारा गोलीबारी की घटना सामने आई है। इस हमले में एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
नगा संगठनों ने सुरक्षा बलों पर भी पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हिंसा की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।









