
अंबेडकरनगर। बुधवार को अंबेडकरनगर में वायस ऑफ आयुर्वेद संगठन की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष और आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड, उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष डॉ. शैलेश कुमार राय ने की। बैठक में जिले के आयुष चिकित्सकों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं।
पंजीकरण नोटिस को बताया अवैधानिक
बैठक में डॉ. शैलेश कुमार राय ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल ने 24 दिसंबर 2025 को शासन से क्लीनिक और चिकित्सालयों के पंजीकरण को लेकर दिशा-निर्देश मांगे थे। आरोप है कि शासन से स्पष्ट जवाब मिलने से पहले ही सीएमओ कार्यालय की ओर से पंजीकरण के लिए नोटिस जारी कर दी गई, जिसे संगठन ने अवैधानिक करार दिया।
शासनादेश के विपरीत कार्रवाई का आरोप
डॉ. राय ने कहा कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में गठित समिति की संस्तुतियों के अनुसार 50 शैय्या से कम क्षमता वाले चिकित्सालयों और नैदानिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण पूर्व की व्यवस्था के तहत ही किया जाना है। इसके बावजूद सीएमओ कार्यालय द्वारा जारी नोटिस को शासनादेश के विपरीत बताया गया।
एक्ट-2010 और पूर्व आदेशों की अनदेखी का दावा
संगठन का आरोप है कि सीएमओ की ओर से जारी नोटिस में एक्ट-2010 और पूर्व शासनादेशों का उल्लेख जानबूझकर नहीं किया गया। डॉ. राय ने कहा कि वर्तमान में प्रभावी शासनादेश दिनांक 7 जनवरी 2022 के अनुसार आयुष चिकित्सकों का पंजीकरण क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी तथा जिला होम्योपैथिक अधिकारी के कार्यालयों में किया जाना है।









