क्या है कार्बन क्रेडिट योजना और कैसे मिलेगा किसानों को फायदा?

  • पौधारोपण के नए कीर्तिमान की तैयारी में वन विभाग
  • किसान अब पेड़ लगाएंगे और कमाएंगे भी
  • कार्बन क्रेडिट योजना से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

अम्बेडकरनगर। जनपद में पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। इस कड़ी में विभाग ने इस साल जुलाई में जिले भर में 35 लाख पौधे लगाकर एक बड़ा कदम उठाया है। साथ ही, वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध कटाई रोकने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

किसानों को मिलेगा कार्बन क्रेडिट का लाभ

वन विभाग जल्द ही कार्बन क्रेडिट योजना लागू करने जा रहा है, जिसका मकसद पर्यावरण सुधार के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाना भी है। इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों की मेड़ों पर पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को अपने लगाए पौधों की देखभाल करनी होगी, जिसके बदले में उन्हें कार्बन क्रेडिट सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस सर्टिफिकेट के आधार पर सरकार किसानों को आर्थिक मदद भी देगी। योजना में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

भदौना ताल की कायाकल्प योजना

वन विभाग ने कटेहरी क्षेत्र के भदौना ताल को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है। इसके तहत ताल की गहराई बढ़ाई जाएगी, पर्यटकों के लिए अलग से वॉकिंग पथ बनाया जाएगा, पक्षियों के लिए सुरक्षित ज़ोन विकसित किया जाएगा और एक कैंटीन भी स्थापित की जाएगी। सर्दियों में यहां प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी पर्यटक आते हैं। इस योजना से पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

आरा मशीनों से कुटीर उद्योग को बढ़ावा

वन विभाग की औद्योगिक योजनाओं के तहत जिले में इस साल 60 से ज्यादा आरा मशीन लाइसेंस के आवेदन मिले, जिनमें से 40 नए लाइसेंस जारी किए गए। अब जनपद में कुल 130 लाइसेंसधारी आरा मशीनें काम कर रही हैं। सबसे ज्यादा मशीनें टांडा और हंसवर क्षेत्र में हैं, जिससे लकड़ी आधारित कुटीर उद्योग को फायदा हो रहा है।

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