
- मदरसा छात्रों को युद्ध में उतारने की योजना पर विपक्ष ने उठाए सवाल
- क्या पाकिस्तान ने युद्ध में धार्मिक भावनाओं को बनाया हथियार?
- सोशल मीडिया को सबूत बताने पर CNN ने क्यों लगाई पाक मंत्री को फटकार?
इस्लामाबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक विवादास्पद बयान दिया है। संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि भारत के साथ युद्ध छिड़ता है, तो मदरसा छात्र पाकिस्तान की “दूसरी रक्षा पंक्ति” के रूप में काम करेंगे।
आसिफ ने कहा, “मदरसा और उनके छात्रों के बारे में कोई संदेह नहीं है कि वे हमारी दूसरी रक्षा पंक्ति हैं। वहां पढ़ने वाले युवा धर्म से गहरे जुड़े हैं…उनका इस्तेमाल शहर या अन्य जरूरतों के लिए 100% किया जा सकता है।”
“भारतीय ड्रोन को रोका नहीं गया”
आसिफ ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने भारतीय ड्रोन हमले को जानबूझकर नहीं रोका, ताकि दुश्मन को उनके सैन्य ठिकानों की सटीक लोकेशन का पता न चल सके। उन्होंने कहा, “कल का ड्रोन हमला हमारे ठिकानों का पता लगाने के लिए था। यह एक तकनीकी मामला है, जिसके बारे में मैं विस्तार से नहीं बताऊंगा।”
सोशल मीडिया को बताया ‘सबूत’
इससे पहले, आसिफ ने दावा किया था कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पांच भारतीय जेट विमान मार गिराए थे। हालांकि, जब उनसे सबूत मांगे गए, तो उन्होंने “सोशल मीडिया” को आधार बताया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “यह सब भारतीय सोशल मीडिया पर है… इन जेट विमानों का मलबा कश्मीर में गिरा।”
जब पूछा गया कि किस हथियार से ये विमान मारे गए, तो उन्होंने पाकिस्तान के चीनी निर्मित JF-17 और JF-10 जेट्स का जिक्र कर बात टाल दी।
भारत की जवाबी कार्रवाई
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। भारतीय वायुसेना ने रफीकी, मुरीद, चकलाला और सियालकोट सहित कई लक्ष्यों को नष्ट किया है। पाकिस्तान द्वारा जम्मू सेक्टर में बीएसएफ चौकियों पर फायरिंग के बाद भारत ने सियालकोट के लूनी में एक आतंकी लॉन्च पैड को भी ध्वस्त कर दिया।
सरकारी ब्रीफिंग में क्या कहा गया?
ऑपरेशन सिंदूर पर जारी ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, “पाकिस्तान द्वारा हवाई ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने त्वरित जवाबी कार्रवाई की। रडार साइट्स, कमांड सेंटर और हथियार डिपो नष्ट किए गए। इन हमलों में न्यूनतम नुकसान सुनिश्चित किया गया।”








