
अंबेडकरनगर। शिक्षा जगत से जुड़े वरिष्ठ शिक्षक और शिक्षक नेता सत्यनारायण सिंह का 31 अगस्त की रात निधन हो गया। वह हीरालाल जायसवाल इंटर कॉलेज किछौछा के पूर्व प्रधानाचार्य थे। अवकाश प्राप्त माध्यमिक शिक्षक संघ में जिला संरक्षक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। उनके निधन की सूचना के बाद शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों में शोक की लहर है।
शिक्षा के साथ शिक्षक हितों के लिए भी सक्रिय रहे
सत्यनारायण सिंह ने लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह शिक्षक संगठनों से जुड़े रहे। जिले के साथ प्रदेश स्तर पर शिक्षा और शिक्षक हितों से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता रही।
शिक्षकों की समस्याओं और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर वह लगातार आवाज उठाते रहे। शिक्षा से जुड़े नियम-कानून की जानकारी के कारण शिक्षक संगठन में उन्हें विशेष पहचान मिली।
शिक्षकों की समस्याओं पर संवाद में रही भूमिका
शिक्षकों के हितों से जुड़े मामलों में संबंधित अधिकारियों और संगठनों के बीच संवाद स्थापित करने में भी उनकी भूमिका रही। शिक्षक हितों के संरक्षण को लेकर उनके प्रयासों को शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने सराहा।
निधन से शिक्षा क्षेत्र में शोक
सत्यनारायण सिंह के निधन की खबर मिलते ही शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर शोक जताया। शिक्षकों ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके जाने से शिक्षा और शिक्षक संगठन के क्षेत्र में एक अनुभवी आवाज का अभाव महसूस होगा।









