जिले में महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण की प्रक्रिया तेज

  • अंबेडकरनगर में प्रतिमाओं के सौंदर्यीकरण की शुरुआत
  • डॉ. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत होगा काम
  • एक स्मारक पर अधिकतम 10 लाख रुपये खर्च होंगे
  • 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित प्रतिमाएं होंगी शामिल
  • अतिक्रमण हटाने और सुरक्षा पर जोर

अंबेडकरनगर जिले में महापुरुषों और समाज सुधारकों की प्रतिमाओं के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत जिले में स्थित स्मारकों और प्रतिमा स्थलों को विकसित किया जाएगा। इसके लिए चिह्नीकरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

एक स्मारक पर अधिकतम 10 लाख रुपये खर्च का प्रावधान

योजना के तहत प्रत्येक चयनित स्मारक पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक की धनराशि खर्च की जाएगी। इस राशि का उपयोग प्रतिमा स्थलों के सुधार, सुरक्षा व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्यों में किया जाएगा। उद्देश्य है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित प्रतिमाओं को बेहतर संरचना और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

31 दिसंबर 2025 तक स्थापित प्रतिमाएं होंगी शामिल

शासन के निर्देश के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित दिवंगत महापुरुषों और समाज सुधारकों की प्रतिमाओं को इस योजना में शामिल किया जाएगा। इन सभी स्थलों को सूचीबद्ध कर उनके संरक्षण और विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

अतिक्रमण और मौसम से सुरक्षा पर जोर

योजना में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिमा स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त रखा जाएगा। साथ ही, मूर्तियों को मौसम के प्रभाव जैसे बारिश, धूप और धूल से बचाने के लिए छत्र या अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इससे प्रतिमाओं की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

सौंदर्यीकरण के लिए विशेष कार्य योजना

प्रतिमा स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, हरियाली और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित कर आकर्षक स्वरूप देने की योजना है। इसके अलावा, पर्यावरणीय प्रभाव से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए भी उपाय किए जाएंगे।

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