
- एनेस्थीसिया टीम में डॉ. राणा प्रताप और डॉ. राकेश चंद्र वर्मा शामिल
- मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने टीम को दी बधाई
- अब लखनऊ जैसे शहरों की बजाय जिले में ही होगा उच्चस्तरीय इलाज
अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग में एक जटिल मैक्सिलोफेशियल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है, जो जिले के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि मानी जा रही है। जिला मऊ निवासी लगभग 22 वर्षीय युवक, जो दो माह पूर्व एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ था, उसके ऊपरी जबड़े और बायीं आंख के नीचे की हड्डी (ब्लो-आउट फ्रैक्चर) में गंभीर चोटें आई थीं। मरीज की हालत को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने टाइटेनियम मेश के माध्यम से टूटी हुई हड्डी की सर्जरी का निर्णय लिया।
विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ जटिल ऑपरेशन
ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के सह-आचार्य डॉ. संजय आर्या एवं सीनियर रेजिडेंट डॉ. ज्योति सोलंकी द्वारा यह जटिल ऑपरेशन किया गया।सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में सहायक आचार्य डॉ. राणा प्रताप और डॉ. राकेश चंद्र वर्मा ने अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉक्टरों की टीम ने बताया कि इस प्रकार की सर्जरी में चेहरे के भीतर से ही पहुंचकर टूटी हुई हड्डी को टाइटेनियम मेश द्वारा स्थिर किया जाता है, जिससे चेहरे की संरचना और आंख की स्थिति सामान्य रह सके।
इस जटिल ऑपरेशन की सफलता पर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की और पूरी टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि,








