- पेपर लीक मामलों की होगी त्वरित सुनवाई
- युवाओं के भविष्य को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
- प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बीच आया बड़ा फैसला
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों का जल्द निपटारा कराया जाएगा।
युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन के बीच आया ऐलान
प्रधानमंत्री का यह ऐलान उस समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जंतर-मंतर पर पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं और उनका इलाज गुरुग्राम के एक अस्पताल में चल रहा है।
अब होगी त्वरित सुनवाई
अब तक पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, जिससे फैसले आने में लंबा समय लग जाता था। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने के बाद ऐसे मामलों का तेजी से निस्तारण किया जा सकेगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड
देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत वर्ष 2000 में 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर हुई थी। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और पॉक्सो (POCSO) मामलों के लिए गठित फास्ट ट्रैक अदालतों ने वर्ष 2019 से 2025 के बीच 3.06 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों में मामलों के निस्तारण की दर 96.28 प्रतिशत रही है।









