- टैक्स न देने वालों के लिए भी फायदेमंद
- समय पर रिटर्न भरने से पेनल्टी से बचेंगे
- लोन और वीजा प्रक्रिया में भी मिलती है मदद
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। आम करदाताओं के पास रिटर्न फाइल करने के लिए अब 10 दिन से भी कम समय बचा है। टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही किसी व्यक्ति की आय टैक्स के दायरे में न आती हो, फिर भी ITR दाखिल करना कई मामलों में लाभदायक साबित होता है।
क्या होता है ITR?
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) वह दस्तावेज है, जिसमें करदाता अपनी वार्षिक आय, चुकाए गए टैक्स और कर देनदारी का पूरा विवरण आयकर विभाग को देता है। इसके आधार पर तय होता है कि अतिरिक्त टैक्स देना है या टैक्स रिफंड मिलेगा।
ITR फाइल करने के प्रमुख फायदे
- बैंक से होम, कार या पर्सनल लोन लेने में आसानी होती है।
- टैक्स रिफंड का दावा किया जा सकता है।
- वीजा आवेदन के दौरान ITR एक महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज माना जाता है।
- आय का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार रहता है।
- भविष्य में वित्तीय लेन-देन और निवेश संबंधी प्रक्रियाएं आसान होती हैं।
समय पर फाइल नहीं करने पर जुर्माना
निर्धारित समय सीमा के बाद ITR दाखिल करने पर लेट फीस देनी पड़ सकती है। यदि किसी व्यक्ति की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक है तो 5,000 रुपये तक की लेट फीस लग सकती है। वहीं, 5 लाख रुपये तक की आय होने पर 1,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। समय पर रिटर्न दाखिल कर इस अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।









