जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट में सितंबर 2026 के चुनाव में अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी यानी AfD ने बड़ी जीत दर्ज की है। यह नतीजा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार जर्मनी में किसी दक्षिणपंथी पार्टी के किसी राज्य में सत्ता के करीब पहुंचने की स्थिति बनी है।
AfD अपनी सख्त दक्षिणपंथी नीतियों के लिए जानी जाती है। पार्टी दूसरे देशों से जर्मनी आकर बसने वाले लोगों को लेकर कड़ा रुख रखती है। इसके अलावा समलैंगिक विवाह के मुद्दे पर भी पार्टी की नीतियां सख्त मानी जाती हैं।
पार्टी की प्रमुख नेता खुद लेस्बियन
AfD की राजनीति और उसकी प्रमुख नेता एलिस वीडल की निजी जिंदगी के बीच एक दिलचस्प विरोधाभास सामने आता है। पार्टी की चीफ एलिस वीडल खुद लेस्बियन हैं।
वीडल की पार्टनर श्रीलंका में जन्मी हैं। ऐसे में एक तरफ AfD प्रवासियों और समलैंगिक विवाह को लेकर सख्त रुख रखती है, वहीं दूसरी ओर पार्टी की सबसे प्रमुख नेताओं में शामिल एलिस वीडल की निजी जिंदगी इन दोनों मुद्दों से अलग तस्वीर पेश करती है।
निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में वीडल
AfD की चुनावी सफलता के बाद एलिस वीडल की भूमिका और उनकी निजी जिंदगी एक बार फिर चर्चा में है। पार्टी की नीतियों और उसकी प्रमुख नेता के व्यक्तिगत जीवन के बीच का यह अंतर जर्मनी की राजनीति में खासा ध्यान आकर्षित कर रहा है।









