- रामदास आठवले ने यूपी में बढ़ाई राजनीतिक सक्रियता
- भाजपा से 4-5 विधानसभा सीटों की मांग
- सीटें नहीं मिलने पर 20-25 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
- सितंबर से प्रदेशभर में कार्यकर्ता सम्मेलन होंगे
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-आठवले) ने भी अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने प्रदेश में संगठन विस्तार के साथ बड़े कार्यकर्ता सम्मेलनों की श्रृंखला शुरू करने का फैसला किया है।
भाजपा से 4-5 सीटों की मांग
आरपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री डॉ. रामदास आठवले ने लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि उनकी पार्टी एनडीए के तहत भाजपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है। इसके लिए भाजपा से चार से पांच विधानसभा सीटों की मांग की गई है।
सीटें नहीं मिलीं तो 25 सीटों पर चुनाव
डॉ. आठवले ने कहा कि यदि सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बनती है तो आरपीआई उत्तर प्रदेश में 20 से 25 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। साथ ही शेष सीटों पर भाजपा का समर्थन जारी रखेगी।
सितंबर से होंगे कार्यकर्ता सम्मेलन
उन्होंने बताया कि पहला कार्यकर्ता सम्मेलन 13 सितंबर को मुरादाबाद, दूसरा 25 सितंबर को आगरा और तीसरा दीपावली से पहले आजमगढ़ में आयोजित होगा। इसके बाद 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर लखनऊ में एक बड़ा महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया।
यूपी में प्रतिनिधित्व की मांग
रामदास आठवले ने कहा कि भाजपा ने पहले भी अपने सहयोगी दलों को उत्तर प्रदेश में प्रतिनिधित्व दिया है। ऐसे में आरपीआई को भी विधानसभा चुनाव में उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।
पेपर लीक मुद्दे पर भी दी प्रतिक्रिया
पेपर लीक आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर युवाओं में नाराजगी थी। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने युवाओं की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर आवश्यक कदम उठाए हैं।









