
अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर में चिकित्सकों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कॉलेज को 43 नए जूनियर डॉक्टर मिले हैं। इनमें 30 पुरुष और 13 महिला चिकित्सक शामिल हैं। सभी चिकित्सकों की नियुक्ति दो वर्ष के अनुबंध पर की गई है। वे मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों में सेवाएं देंगे।
मरीजों के इलाज के साथ मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि हाल ही में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले इन चिकित्सकों की तैनाती कॉलेज में की गई है। यहां वे मरीजों के उपचार में अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि नए डॉक्टरों के आने से मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। साथ ही विभिन्न विभागों में चिकित्सकीय सेवाओं का दायरा भी बढ़ेगा।
ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं को मिलेगा सहारा
प्राचार्य के अनुसार, नए जूनियर डॉक्टरों की तैनाती से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं को मजबूती मिलेगी। विभिन्न विभागों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों के इलाज की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। इससे मेडिकल शिक्षा व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
हाल ही में 9 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भी संभाला कार्यभार
मेडिकल कॉलेज में करीब दस दिन पहले नौ वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी कार्यभार ग्रहण किया था। इनमें मेडिसिन विभाग में डॉ. मृत्युंजय साहू, बाल रोग विभाग में डॉ. मुकुल गोयल, डॉ. रविशंकर और डॉ. मोनिका पाल, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में डॉ. बबीता यादव, हड्डी रोग विभाग में डॉ. राकेश कुमार, सामान्य सर्जरी विभाग में डॉ. अखिलेश वर्मा तथा मानसिक रोग विभाग में डॉ. पृथ्वीनाथ सिंह और डॉ. प्रियंका यादव शामिल हैं।
चिकित्सकीय सेवाओं के साथ मेडिकल शिक्षा को भी मिलेगा लाभ









