जलालपुर (अम्बेडकरनगर)। तहसील क्षेत्र के मधईपुर जीवत गांव के पास शनिवार देर शाम नहर की पटरी कटने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। तेज बहाव के साथ नहर का पानी आसपास के खेतों में फैल गया। इससे दर्जनों किसानों की कृषि भूमि जलमग्न हो गई। हालांकि ग्रामीणों की सक्रियता से पानी को गांव की ओर बढ़ने से रोक लिया गया।
पटरी कटते ही गांव की ओर बढ़ने लगा पानी
ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार देर शाम अचानक नहर की पटरी कट गई। इसके बाद पानी तेजी से आसपास के खेतों और गांव की ओर बढ़ने लगा। स्थिति को देखते हुए ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने मिट्टी, बालू से भरी बोरियों और अन्य साधनों की मदद से कटी हुई पटरी को बंद करने का प्रयास किया। काफी देर की मेहनत के बाद पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सका।
खेतों में भरा पानी, फसलों को नुकसान की आशंका
नहर का पानी खेतों में भरने से किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित किसानों का कहना है कि जलभराव से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने और उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
नहर की देखरेख पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि नहर में अधिक पानी छोड़े जाने और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण पटरी कमजोर हो गई थी। इसी वजह से कटाव की स्थिति बनी। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से नहर की पूरी पटरी का निरीक्षण कराने और कमजोर हिस्सों की मरम्मत कराने की मांग की है।









