दोना-पत्तल उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

15 दिन में सभी मशीनें चलाने का अल्टीमेटम

अम्बेडकरनगर। स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों के बीच विकासखंड भीटी की ग्राम पंचायत चाचिकपुर में संचालित दोना-पत्तल उद्योग का जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उत्पादन व्यवस्था, मशीनों के संचालन और तैयार उत्पादों के विपणन की समीक्षा की गई। सभी मशीनों के पूर्ण क्षमता से संचालित न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और ब्लॉक मिशन मैनेजर को 15 दिनों के भीतर सभी मशीनों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गंगा महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह और रोशनी महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह की ओर से संयुक्त रूप से संचालित इस इकाई में जिलाधिकारी ने उत्पादन प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मशीनों के नियमित संचालन से उत्पादन बढ़ेगा और अधिक महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा। इसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए।
बाजार में पहचान बढ़ाने के लिए गुणवत्ता और पैकेजिंग पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तैयार उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग को और बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यदि उत्पाद आकर्षक पैकेजिंग और बेहतर गुणवत्ता के साथ बाजार में पहुंचेंगे तो उनकी मांग बढ़ेगी। इसके साथ ही विपणन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि स्वयं सहायता समूहों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
महिलाओं से संवाद, स्वरोजगार को बताया आत्मनिर्भरता का आधार
निरीक्षण के बाद ग्राम पंचायत भवन में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में समूहों के संचालन और गतिविधियों की समीक्षा करते हुए महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसरों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button