अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के आह्वान पर गुरुवार को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने अपनी 25 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने किया। इस दौरान शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की बहाली, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के राजकीयकरण और पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
सेवा सुरक्षा और पेंशन व्यवस्था को लेकर जताया असंतोष
प्रदर्शन में शिक्षकों ने कहा कि सेवा सुरक्षा से संबंधित धारा 21, 18 और 12 की बहाली जरूरी है। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि इन प्रावधानों के समाप्त होने से शिक्षकों में असंतोष है।
अटेवा के जिला संयोजक रामबली त्रिशरण ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से जुड़ी समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि एनपीएस के तहत आने वाले शिक्षकों के सरकारी अंशदान को ब्याज सहित अद्यतन नहीं किया गया है। साथ ही पुरानी पेंशन व्यवस्था के दायरे में आने वाले शिक्षकों की एनपीएस में जमा धनराशि को सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में स्थानांतरित करने की मांग भी रखी गई।
वेतन भुगतान और लंबित देयों के निस्तारण की मांग
जिला संरक्षक संदीप पटेल ने अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने डीआईओएस कार्यालय में सिटिजन चार्टर लागू करने की भी मांग रखी।
उन्होंने चयन वेतनमान, वार्षिक वेतनवृद्धि और लंबित देयों का समयबद्ध भुगतान कराने पर जोर दिया। शिक्षकों ने कहा कि विभागीय स्तर पर लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाना चाहिए।









