
- जलकुंभी और गंदगी से पट रही तमसा नदी
- नदी किनारे कचरा डंप करने का आरोप
- सफाई अभियान पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
- बारिश से पहले व्यापक सफाई की मांग
अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय अकबरपुर से होकर गुजरने वाली ऐतिहासिक तमसा नदी का अस्तित्व धीरे-धीरे संकट में पड़ता दिखाई दे रहा है। नदी का बड़ा हिस्सा जलकुंभी, झाड़ियों और गंदगी से पटा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित सफाई के अभाव में नदी का प्राकृतिक स्वरूप खत्म होता जा रहा है, जबकि बरसात से पहले व्यापक सफाई की जरूरत है।
नदी किनारे कचरा डंप करने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका परिषद अकबरपुर की ओर से वार्डों से एकत्रित कचरे का निस्तारण नदी किनारे किए जाने से समस्या और गंभीर हो गई है। उनका आरोप है कि इससे न केवल नदी प्रदूषित हो रही है, बल्कि आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
‘अभियान कैमरे तक, सफाई कुछ मीटर तक’
लोगों का कहना है कि समय-समय पर तमसा नदी की सफाई के नाम पर अभियान तो चलाए जाते हैं, लेकिन उनका दायरा नदी के सीमित हिस्से तक ही सिमट जाता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अभियान की तस्वीरें और वीडियो तो सामने आते हैं, लेकिन नदी की वास्तविक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखता।
बरसात में बढ़ सकती है जलभराव की समस्या
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि मानसून से पहले नदी की जलकुंभी, झाड़ियों और गाद की प्रभावी सफाई नहीं कराई गई तो नदी की जल निकासी क्षमता प्रभावित होगी। इससे शहजादपुर नई सड़क और नदी किनारे स्थित कई मोहल्लों व दुकानों में जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका बनी रहेगी।









