अंबेडकरनगर। आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए परिवहन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय शांति समिति की बैठक के निर्णयों के क्रम में बुधवार को परिवहन कार्यालय में ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान लागू होने वाली यातायात व्यवस्था, रूट डायवर्जन और सुरक्षा संबंधी निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई।
रूट डायवर्जन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश
बैठक की अध्यक्षता सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सतेंद्र कुमार यादव ने की। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों को श्रावण मास के दौरान लागू रहने वाले रूट डायवर्जन प्लान की जानकारी देते हुए कहा कि भारी एवं व्यावसायिक वाहनों का संचालन निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से कराया जाएगा। सभी ट्रांसपोर्टरों से अपने वाहन चालकों को डायवर्जन मार्गों की जानकारी देने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया।
बस चालकों को सुरक्षा और अनुशासन का संदेश
परिवहन विभाग ने बस संचालकों को निर्देश दिया कि सभी चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार रखें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बस पूरी तरह रुकने के बाद ही यात्रियों को चढ़ाया और उतारा जाए, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।
नो-एंट्री क्षेत्र में भारी वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध
बैठक में स्पष्ट किया गया कि कांवड़ मार्गों और नो-एंट्री क्षेत्रों में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। भारी वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर ही की जाएगी, ताकि कांवड़ यात्रियों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









