आलापुर (अंबेडकरनगर)। एंटी करप्शन और भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप कार्रवाई को लेकर शनिवार को आलापुर तहसील में लेखपालों का विरोध खुलकर सामने आया। लेखपाल संघ के अध्यक्ष विपिन त्रिपाठी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करते हुए शिकायतों की निष्पक्ष जांच और निर्धारित प्रक्रिया का पालन कराने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद उपजिलाधिकारी और तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय मांगपत्र भेजा गया। इसमें ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता और संबंधित राजस्व प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग प्रमुख रही।
‘भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का विरोध नहीं, निर्दोष न फंसे’
लेखपाल संघ अध्यक्ष विपिन त्रिपाठी ने कहा कि संघ भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता। यदि कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन केवल शिकायत के आधार पर, बिना पूरे तथ्यों और साक्ष्यों की जांच किए कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में लेखपालों को अक्सर विवाद के दोनों पक्षों से जुड़ी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। एक पक्ष के पक्ष में कार्रवाई न होने पर शिकायत की स्थिति बन सकती है। इसलिए शिकायत की पृष्ठभूमि और पूरे प्रकरण की जांच जरूरी है।
CCTV से लेकर दस्तावेजी साक्ष्य तक जांच में शामिल करने की मांग
लेखपाल दयाशंकर ने कहा कि किसी ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता की भूमिका, शिकायत का आधार और संबंधित राजस्व मामले की स्थिति का परीक्षण होना चाहिए। उन्होंने CCTV फुटेज, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों को जांच का हिस्सा बनाने की मांग की।
लेखपाल धीरेंद्र मौर्य ने कहा कि राजस्वकर्मी गांवों में शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।









