उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी SIR नोटिस

बोले- घबराने की जरूरत नहीं- मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान नाम में तकनीकी विसंगति पर नोटिस

  • CEO ने BLO को आवश्यक दस्तावेज सौंपे
  • राज्यभर में अब तक 24 लाख नोटिस जारी
  • 20 लाख से अधिक नोटिस मतदाताओं तक पहुंचे

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम को भी नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि उनके नाम में तकनीकी विसंगति मिलने पर नोटिस मिला था, जिसके बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेज अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को जमा करा दिए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि SIR अभियान के तहत जारी होने वाले नोटिस किसी शिकायत, जांच या कार्रवाई का संकेत नहीं हैं। मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र या अन्य विवरण में तकनीकी त्रुटि पाए जाने पर रिकॉर्ड को सही करने के लिए ऐसे नोटिस भेजे जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है और समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा कर रिकॉर्ड अपडेट कराना चाहिए।

उन्होंने बताया कि राज्यभर में अब तक करीब 24 लाख नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 20 लाख (83%) नोटिस संबंधित मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। सत्यापन के दौरान सबसे अधिक गड़बड़ियां नाम, उम्र और पारिवारिक विवरण में सामने आई हैं।

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, उनकी बहू, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, भाजपा विधायक सरिता आर्या, देहरादून छावनी से विधायक सविता कपूर, रायपुर से विधायक उमेश शर्मा काऊ और कांग्रेस विधायक भुवन चंद कापड़ी को भी SIR अभियान के तहत नोटिस जारी किए जा चुके हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि ये सभी नोटिस केवल रिकॉर्ड में मौजूद तकनीकी विसंगतियों को दूर करने के उद्देश्य से भेजे गए हैं।

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