आजमगढ़। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को आजमगढ़ में बेटियों की शिक्षा और उपलब्धियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं, लेकिन सवाल यह है कि बेटे क्या कर रहे हैं? राज्यपाल महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंची थीं।
दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अभ्यास और अनुशासन का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि लगातार अभ्यास और अनुशासन के जरिए व्यक्ति जीवन में ऊंचे मुकाम तक पहुंच सकता है।
भव्य स्वागत के साथ विश्वविद्यालय पहुंचीं राज्यपाल
विश्वविद्यालय पहुंचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का भव्य स्वागत किया गया। कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने राज्यपाल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद राज्यपाल दीक्षांत समारोह के मंच पर पहुंचीं और कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।
समारोह में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की मौजूदगी रही। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने साझा किए अनुभव
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन और संघर्ष से जुड़े अनुभव साझा किए।
उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और लगातार सीखते रहने की प्रेरणा दी।
राज्यपाल ने दिया अनुशासन का मंत्र
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए निरंतर अभ्यास और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने छात्रों को जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए लगातार प्रयास करते रहने का संदेश दिया।









