लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में अब मरीजों को डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए लंबी कतार में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अस्पताल प्रशासन मरीजों की सुविधा के लिए AI चैटबॉट विकसित करने जा रहा है। इसके लिए KGMU में एक डेडिकेटेड AI सेगमेंट तैयार किया जाएगा और देश के दिग्गज AI एक्सपर्ट्स से भी सलाह ली जाएगी।
KGMU के अधिकारियों के मुताबिक, यह पहल शुरू करने वाला संस्थान उत्तर भारत का पहला चिकित्सा संस्थान होगा। AI आधारित व्यवस्था के जरिए मरीजों को इलाज और जांच से जुड़ी जरूरी जानकारी घर बैठे मिल सकेगी।
मोबाइल से मिलेगी जरूरी जानकारी
KGMU की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने अपने दूसरे कार्यकाल की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान में AI के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।
प्रस्तावित चैटबॉट के जरिए मरीज मोबाइल फोन, KGMU की वेबसाइट या अस्पताल के ऐप से घर बैठे कई जरूरी जानकारियां हासिल कर सकेंगे। इससे मरीजों को अस्पताल में अनावश्यक रूप से आने और अलग-अलग काउंटर पर जानकारी लेने की परेशानी कम होगी।
किस बीमारी के लिए किस विभाग में जाना है, बताएगा AI
AI चैटबॉट को मरीजों के लिए डिजिटल मददगार के तौर पर विकसित किया जाएगा। मरीज अपनी बीमारी या समस्या से जुड़ा सवाल चैटबॉट पर पूछ सकेंगे।
उदाहरण के तौर पर मरीज यह जानकारी हासिल कर सकेंगे कि किसी विशेष बीमारी के इलाज के लिए उन्हें किस विभाग में जाना है और किस डॉक्टर को दिखाना है। इसके साथ ही डॉक्टर को दिखाने के लिए उपलब्ध समय और अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी भी चैटबॉट के जरिए मिल सकेगी।
जरूरत पड़ने पर इसी माध्यम से डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है।
ट्रामा-2 एक साल में शुरू करने की तैयारी
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने KGMU में ट्रामा-2 शुरू करने की योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने इसे एक साल के भीतर शुरू करने की बात कही है।
ट्रामा-2 के संचालन के लिए 1,500 से ज्यादा डॉक्टर और कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की जानकारी भी दी गई है।









