लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार को कई इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। नगराम, चौपटिया, पारा, चिनहट, बीकेटी, बहरौली, मीरखनगर, एफसीआई और कबीरनगर समेत कई क्षेत्रों में 4 से 12 घंटे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रही। उमस भरी गर्मी में लंबे समय तक बिजली नहीं आने से लोग बेहाल रहे। बिजली कटौती के कारण कई इलाकों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई।
बरिगंवा में 12 घंटे बिजली संकट
कृष्णानगर के बरिगंवा में रविवार रात तार आपस में टकराने से एबीसी लाइन जल गई। इसके चलते 50 से अधिक घरों में करीब 12 घंटे तक बिजली संकट रहा।
कनिष्ठ अभियंता आरके शुक्ला ने बताया कि खराब लाइन को हटाकर नई लाइन डाली गई, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
चौपटिया में 5 हजार उपभोक्ता प्रभावित
चौक के चौपटिया क्षेत्र में सराय माली खां रोड के आसपास सोमवार सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली गुल रही। इससे करीब 5 हजार उपभोक्ता प्रभावित हुए।
अवर अभियंता केके चौधरी के मुताबिक, एलटी फ्यूज यूनिट लगाने के कारण कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद की गई थी।
वहीं, चिनहट के न्यू बुद्ध विहार, गुलिस्ता, आनंद विहार, गंगा विहार और बिहारीपुरम कॉलोनियों में पूरे दिन बिजली की आवाजाही बनी रही।
दुबग्गा में सुबह 8 से शाम 7 बजे तक संकट
दुबग्गा के एफसीआई उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में सोमवार सुबह करीब 8 बजे से शाम 7 बजे तक बिजली संकट रहा। जाहिद नगर, नरौना, सलेमपुर पतौरा, पिंक सिटी, नाजिम नगर और बुद्धेश्वर बिहार समेत कई कॉलोनियां प्रभावित रहीं।
बताया गया कि एलटी लाइन का एक फेस खराब होने के साथ 250 केवीए ट्रांसफार्मर की लाइन ओवरलोड होने के कारण बार-बार बिजली कटती रही।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
BKT के चार गांवों में चार घंटे बिजली गुल
ग्रामीण इलाकों में भी बिजली कटौती से लोगों को परेशानी हुई। बीकेटी के चार गांवों में करीब चार घंटे तक बिजली नहीं रही।
साढ़ामऊ उपकेंद्र के सोनवा फीडर में फॉल्ट आने से गाजीपुर, सोनवा, भैसामऊ और आसपास के गांवों में दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक बिजली संकट रहा।
33 KV लाइन पर पेड़ गिरने से 40 गांव प्रभावित
नगराम के बहरौली फीडर की 33 KV लाइन पर पेड़ गिरने से करीब 40 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली गुल रही। इससे करीब 50 हजार उपभोक्ता प्रभावित हुए।
समेसी उपकेंद्र के अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि करीब 20 किलोमीटर तक लाइन की जांच के बाद फॉल्ट का पता लगाया गया और उसे दुरुस्त किया गया। फॉल्ट तलाशने में समय लगने के कारण बिजली बहाल करने में देरी हुई।









