अंबेडकरनगर। जिले के पारंपरिक व्यंजनों को कारोबार से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) योजना को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में स्थानीय व्यंजनों के उत्पादन को बढ़ाने, उद्यमियों को वित्तीय सहायता देने और उत्पादों की पैकेजिंग व बाजार तक पहुंच बढ़ाने की जानकारी दी गई।
बालूशाही से लाल गन्ने की गोटी तक, चार व्यंजन सूची में
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि योजना के तहत अंबेडकरनगर के लिए बालूशाही, चाट, खजला और लाल गन्ने की गोटी को चिन्हित किया गया है। इनसे जुड़े पात्र उद्यमियों और इकाइयों को उत्पादन, सेवा और व्यापार श्रेणी में नियमानुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले इन व्यंजनों को बेहतर उत्पादन व्यवस्था, सुरक्षित पैकेजिंग और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से जोड़ना है।
25 लाख की परियोजना पर 25 प्रतिशत तक अनुदान
कार्यशाला में उद्यमियों को योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता की जानकारी भी दी गई। 25 लाख रुपये तक की कुल परियोजना लागत पर अधिकतम 25 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।
इसी तरह 25 लाख से अधिक और 50 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर अधिकतम 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वहीं, 50 लाख से अधिक और पांच करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत वाली इकाइयों को 10 प्रतिशत या 50 लाख रुपये, जो भी कम हो, अनुदान दिए जाने का प्रावधान बताया गया।









