अंबेडकरनगर। चार साल से लंबित युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आएगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अंबेडकरनगर की अदालत ने भीटी पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। युवक की मां कंचन पांडेय की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद छह अगस्त को यह आदेश पारित किया गया।
प्रार्थिनी की ओर से अधिवक्ता सर्वेश पांडेय ने अदालत में पक्ष रखते हुए बताया कि घटना के बाद पुलिस से शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। अदालत ने उपलब्ध प्रार्थना पत्र और पुलिस आख्या का अवलोकन करने के बाद मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध के आरोप पाए और पुलिस जांच को जरूरी माना।
मंदिर के पास बुलाने, जहरीला पदार्थ देने का आरोप
प्रार्थना पत्र के अनुसार कंचन पांडेय अपने पति और परिवार के साथ छत्तीसगढ़ में रहती थीं। नौ दिसंबर 2022 को वह अपने पुत्र अनुपम के साथ रायपुर से प्रतापीपुर आई थीं। आरोप है कि जमीन संबंधी पुराने विवाद के चलते देवमणि पांडेय, अनुराग पांडेय, संतोष पांडेय, श्याम पांडेय, राजेंद्र पांडेय, ऋषि नारायण, महेश पांडेय और हर्षित औचट ने अनुपम को मंदिर के पास बुलाया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां अनुपम को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खिला दिया गया। रात करीब 1:30 बजे वह अचेत हालत में चारपाई पर मिला। इसके बाद उसे इलाज के लिए वाहन से ले जाया गया। अगले दिन उसकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी परिवार को मिली।









