अंबेडकरनगर। भाजपा की नई जिला टीम के गठन के बाद अब चर्चा केवल नए पदाधिकारियों की नहीं, बल्कि उन चेहरों की भी है जो इस बार टीम का हिस्सा नहीं बने। इनमें डॉ. रजनीश सिंह का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। लगातार दो कार्यकाल जिला उपाध्यक्ष रहे रजनीश सिंह को नई कमेटी में जगह नहीं मिली है। इस बदलाव ने जिले के संगठनात्मक और खासकर जलालपुर के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है।
एक नाम, कई राजनीतिक सवाल
रजनीश सिंह लंबे समय से भाजपा की जिला राजनीति में सक्रिय रहे हैं। संगठन में लगातार दो बार जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना उनकी भूमिका को बताता है। सदस्यता अभियान में भी उनकी सक्रियता चर्चा में रही है।
ऐसे में नई टीम में उनका नाम नहीं होना सामान्य संगठनात्मक बदलाव है या इसके पीछे कोई व्यापक रणनीति है, यह सवाल राजनीतिक हलकों में उठ रहा है। हालांकि भाजपा नेतृत्व ने इस बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है।
क्या भाजपा ने संगठन में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाया?
नई जिला टीम में बदलाव के बाद एक नजर इस बात पर भी है कि पार्टी ने किन चेहरों को आगे बढ़ाया है। भाजपा संगठन में समय-समय पर नई जिम्मेदारियों के जरिए नेतृत्व का संतुलन बदला जाता रहा है।
रजनीश सिंह को जिम्मेदारी न मिलने को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जाए या स्थानीय समीकरणों से जोड़कर देखा जाए, फिलहाल इसका स्पष्ट उत्तर नहीं है। इसलिए किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।









