अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में गुरुवार को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यूजीसी के Mental Health & Well-Being Programme के तहत हुए आयोजन में डिप्रेशन, मानसिक विकार, नकारात्मक विचार और आत्महत्या की रोकथाम जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डिप्रेशन के लक्षणों के साथ डिसोसिएटिव डिसऑर्डर, साइकोसोमैटिक डिसऑर्डर और धात सिंड्रोम के बारे में बताया। मानसिक परेशानियों की समय पर पहचान और उचित सहायता लेने को महत्वपूर्ण बताया गया।
डिप्रेशन के संकेत पहचानने की दी जानकारी
कार्यक्रम में डिप्रेशन के प्रमुख लक्षणों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि मानसिक परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते सहायता और उपचार लेना जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य को व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
आत्महत्या की रोकथाम में जागरूकता की भूमिका पर भी चर्चा हुई। नकारात्मक विचारों और मानसिक परेशानियों को पहचानने के साथ सकारात्मक सोच के महत्व की जानकारी दी गई।
नर्सिंग छात्रों ने भी कार्यक्रम में लिया हिस्सा
कार्यक्रम में कॉलेज ऑफ नर्सिंग के बीएससी नर्सिंग प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। रा०बा०हा० रामपुर सकरवारी विद्यालय की सहायक अध्यापक दीक्षा चौधरी भी मौजूद रहीं। नर्सिंग स्टाफ ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
इस दौरान सोनी पाण्डेय, सुमन वर्मा प्रथम, सुमन वर्मा द्वितीय, योगिता दूबे और नीलम यादव समेत अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।









