स्कूलों के दरवाजे खुले, लेकिन पढ़ाई के समय नहीं होगी दखल

बीएसए ने बदला बाहरी लोगों के प्रवेश का आदेश; अभिभावक, एसएमसी सदस्य और स्थानीय ग्रामीण ले सकेंगे व्यवस्थाओं की जानकारी

अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर जारी आदेश में बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा ने संशोधन कर दिया है। अब अभिभावक, स्कूल प्रबंध समिति (एसएमसी) के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण विद्यालय की व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए स्कूल में प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें केवल बाहरी व्यक्ति होने के आधार पर नहीं रोका जाएगा।

हालांकि, प्रवेश के दौरान कक्षा में चल रही पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। बीएसए कार्यालय ने इस संबंध में 20 अगस्त को संशोधित आदेश जारी किया है।

17 अगस्त के आदेश में अब संशोधन

इससे पहले 17 अगस्त को जारी आदेश में शिक्षण अवधि के दौरान अभिभावकों को छोड़कर अन्य बाहरी लोगों के विद्यालय में प्रवेश पर रोक लगाई गई थी।

बीएसए कार्यालय को जानकारी मिली थी कि कुछ बाहरी व्यक्ति, यूट्यूबर और अन्य लोग शिक्षण अवधि में बिना अनुमति विद्यालयों में पहुंच रहे थे। विद्यालय और कर्मचारियों के फोटो-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने की बात भी सामने आई थी।

कार्यालय के अनुसार, इससे पठन-पाठन के साथ विद्यालय के शैक्षिक और भौतिक वातावरण पर असर पड़ रहा था।

व्यवस्थाएं देखने आएं, कक्षाओं में दखल नहीं

संशोधित आदेश में अभिभावकों, एसएमसी सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों को विद्यालय की व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए प्रवेश की अनुमति दी गई है।

लेकिन उनकी मौजूदगी से शिक्षण कार्य में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। यानी स्कूल की व्यवस्थाएं देखने की अनुमति है, कक्षा संचालन में हस्तक्षेप की नहीं।

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