अंबेडकरनगर। हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए चल रही जल जीवन मिशन की योजना कुड़िया चितौना गांव में सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना में बोरिंग तो करा दी गई, लेकिन इसके बाद जरूरी काम आगे नहीं बढ़े। मौके पर पंप हाउस और सोलर पैनल का काम दिखाई नहीं दे रहा है। इससे योजना की वास्तविक प्रगति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जमीन पर अधूरा काम, फाइलों में कितनी प्रगति?
ग्रामीणों के मुताबिक, परियोजना के कई जरूरी हिस्से अभी पूरे नहीं हुए हैं। इसके बावजूद अभिलेखों में दर्ज प्रगति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, कागजों में परियोजना की स्थिति क्या दर्ज है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि परियोजना के जरूरी काम अभी अधूरे हैं तो माप पुस्तिका (एमबी), भुगतान और पूर्णता प्रमाणपत्र की जांच होनी चाहिए। इससे मौके के काम और अभिलेखों में दर्ज प्रगति के बीच स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पंप हाउस नहीं तो पानी की सप्लाई कैसे होगी?
मौके पर पंप हाउस का निर्माण नहीं होने और सोलर पैनल नहीं लगाए जाने की बात सामने आ रही है। जलापूर्ति के लिए जरूरी पाइपलाइन, टंकी और घरों तक कनेक्शन की स्थिति भी जांच का विषय है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सभी जरूरी ढांचे तैयार होने के बाद घरों तक पानी पहुंचे।
हर हिस्से का हो स्थलीय सत्यापन
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर परियोजना की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बोरिंग से लेकर पंप हाउस, सोलर पैनल, पाइपलाइन, टंकी और घरेलू कनेक्शन तक प्रत्येक कार्य का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
इसके साथ ही अब तक हुए भुगतान और अभिलेखों में दर्ज प्रगति का मौके पर हुए काम से मिलान कराने की मांग की गई है।









