अंबेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को नशे की लत से जूझ रहे मरीजों के उपचार के लिए एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) विंग शुरू किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया। इसके साथ ही गंभीर मानसिक रोगियों के उपचार के लिए इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ECT) और यौन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए मल्टी बिहेवियरल सेक्स थेरेपी मशीन की सुविधा भी शुरू की गई।
शराब से स्मैक तक, नशे की निर्भरता का होगा उपचार
एटीएफ विंग में शराब, तंबाकू, सिगरेट, स्मैक, भांग और गांजा समेत विभिन्न प्रकार के नशों की निर्भरता से प्रभावित मरीजों को उपचार और चिकित्सकीय परामर्श मिलेगा। केंद्र में मरीजों की जरूरत के अनुसार काउंसलिंग और उपचार की व्यवस्था भी की गई है।
इस सुविधा से अंबेडकरनगर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को नशे की समस्या के लिए जिले में ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
गंभीर मानसिक रोगियों के लिए ईसीटी की सुविधा
मेडिकल कॉलेज में ईसीटी की सुविधा शुरू होने से गंभीर मानसिक रोगों से पीड़ित मरीजों के उपचार का विकल्प बढ़ा है। वहीं, मल्टी बिहेवियरल सेक्स थेरेपी मशीन के माध्यम से यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि इन सुविधाओं का उद्देश्य मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना और अप्रमाणित उपचार से बचने के लिए सही चिकित्सकीय सलाह तक पहुंच सुनिश्चित करना है।
एम्स नई दिल्ली के सहयोग से शुरू हुआ एटीएफ विंग
एटीएफ विंग को एनडीडीटीसी, एम्स नई दिल्ली के सहयोग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के समर्थन से शुरू किया गया है। मानसिक रोग विभागाध्यक्ष एवं एटीएफ नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार गुप्ता के निर्देशन में केंद्र की व्यवस्थाएं तैयार की गईं।









