उर्वरक बिक्री केंद्रों पर कृषि विभाग की सख्ती

10 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, एक दुकान निलंबित, चार को नोटिस; नौ उर्वरक नमूने जांच के लिए भेजे गए

अंबेडकरनगर। खरीफ सीजन के बीच उर्वरकों की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने जिले में निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने गुरुवार को 10 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान एक उर्वरक दुकान का लाइसेंस निलंबित किया गया, जबकि चार दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही विभिन्न प्रतिष्ठानों से उर्वरकों के नौ नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
एक दुकान निलंबित, चार से मांगा गया जवाब
निरीक्षण के दौरान विकांत खाद भंडार (जाफरगंज), यादव खाद भंडार (मालीपुर), शिवम खाद भंडार (गुआ पाकड़) तथा शिवपूजन वर्मा की दुकान बंद मिलने पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं, शर्मा खाद भंडार, आलमपुर अखई का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
जिले में यूरिया और फास्फेटिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जुलाई माह तक यूरिया के 25,115 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 40,723 मीट्रिक टन, डीएपी के 4,914 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 7,395 मीट्रिक टन, एनपीके के 1,146 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 3,927 मीट्रिक टन तथा एसएसपी के 10,325 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 21,568 मीट्रिक टन उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। एमओपी की उपलब्धता 178 मीट्रिक टन दर्ज की गई।
वितरण के बाद भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र में संयुक्त रूप से 15,448 मीट्रिक टन यूरिया, 2,749 मीट्रिक टन डीएपी, 3,016 मीट्रिक टन एनपीके, 7,208 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 125 मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है। विभाग का कहना है कि जिले में किसानों के लिए यूरिया और फास्फेटिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।

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