उज्जैन। उज्जैन के सती गेट के पास स्थित खड़े हनुमान की मूर्ति इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। मूर्ति हटाए जाने की खबरों और इससे जुड़ी रील्स सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि महज दो दिनों में 35 हजार से ज्यादा लोग हनुमानजी के दर्शन करने पहुंच चुके हैं। इनमें मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से आए श्रद्धालु भी शामिल हैं।
मूर्ति हटाने की कोशिश की खबरों के बाद बढ़ी भीड़
मूर्ति को हटाए जाने की चर्चाएं उस समय तेज हुईं, जब प्रशासन की ओर से सती गेट के आसपास निर्माण और हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। बताया गया कि 4 सितंबर से हनुमानजी की प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन यह सफल नहीं हो सका। इसके बाद सोशल मीडिया पर मूर्ति के नहीं हटने को लेकर तरह-तरह की चमत्कारिक कहानियां और वीडियो वायरल होने लगे।
इन वीडियो और रील्स के वायरल होने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ने लगी। दूर-दराज के शहरों से भी लोग खड़े हनुमान के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं।
प्रशासन ने कहा- मूर्ति हटाने का प्रयास नहीं हुआ
मामले के तूल पकड़ने के बीच जिला प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर अलग दावा किया है। प्रशासन का कहना है कि मूर्ति को हटाने का एक भी प्रयास नहीं किया गया है। इस दावे के बाद मूर्ति हटाने की कार्रवाई को लेकर चल रही चर्चाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंदिर के आसपास का ज्यादातर हिस्सा टूट चुका
प्रशासन की ओर से करीब एक सप्ताह के दौरान मंदिर के आसपास के ज्यादातर हिस्से को तोड़ा जा चुका है। वहीं, हनुमानजी की प्रतिमा फिलहाल टेंट में विराजमान है। प्रतिमा के दर्शन के लिए लगातार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
भीड़ बढ़ने पर पुलिस की तैनाती
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। दो दिनों में 35 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी के बाद प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।
फिलहाल खड़े हनुमान की प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल दावों और जिला प्रशासन के बयान में अंतर नजर आ रहा है। ऐसे में मूर्ति हटाने को लेकर वास्तविक स्थिति क्या है, इसे लेकर लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी पर बनी हुई है।









