न्यायालय कर्मचारियों ने खोला मांगों का पिटारा, सरकार से जल्द फैसले की मांग

वेतन बढ़ोतरी से लेकर पदों के पुनर्गठन तक कई प्रस्ताव लंबित, मुख्यमंत्री और अकबरपुर विधायक को भेजा पत्र

अंबेडकरनगर। जनपद न्यायालय के कर्मचारियों से जुड़ी वर्षों पुरानी सेवा संबंधी मांगों को लेकर दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ ने सरकार का ध्यान खींचा है। संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अकबरपुर विधायक राम अचल राजभर को पत्र भेजकर लंबित प्रस्तावों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
शाखा अध्यक्ष जगदीश वर्मा ने बताया कि प्रदेश के जनपद न्यायालयों के कर्मचारियों की कई सेवा संबंधी मांगें सरकार के स्तर पर लंबित हैं। संघ ने एफटीसी न्यायालयों के कर्मचारियों के वेतन में हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार हर साल 10 प्रतिशत वृद्धि करने और हाईकोर्ट की सिफारिश के आधार पर सेवा नियमित करने की मांग रखी है।
अप्रेंटिस से जूनियर असिस्टेंट तक समायोजन की मांग
संघ ने पेड अप्रेंटिस कर्मचारियों को जूनियर असिस्टेंट पद पर समायोजित करने के लिए जिला न्यायालय सेवा नियमावली में प्रस्तावित संशोधन को जल्द मंजूरी देने की मांग की है। प्रमोशन की सेवा शर्तों में छूट संबंधी संशोधन प्रस्ताव को भी मंजूरी देने की मांग की गई है।
इसके अलावा जनपद न्यायालयों में समाप्त किए गए सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के पद को फिर से सृजित करने और 4600 ग्रेड पे वाले एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर पद को राजपत्रित दर्जा देने की मांग है। कर्मचारियों के मकान किराया भत्ते के पुनर्निर्धारण की मांग भी पत्र में शामिल है।
वेतनमान और योग्यता में बदलाव पर जोर
संघ ने क्लर्क कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक करने की मांग की है। राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पुराने वेतनमान और समय-समय पर लागू वेतन स्तर का लाभ देने की मांग भी रखी गई है।

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