अंबेडकरनगर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अब विद्यार्थी सिर्फ किताबों में संसद की कार्यप्रणाली नहीं पढ़ेंगे, बल्कि सदन की कार्यवाही का अभ्यास भी करेंगे। सभी 369 माध्यमिक विद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यार्थी सांसद, मंत्री, विपक्षी सदस्य और अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। संसदीय कार्य मंत्रालय के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
जिले में 32 राजकीय, 60 अशासकीय सहायता प्राप्त और 277 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। सभी विद्यालयों में प्रतियोगिता कराने की जिम्मेदारी तय की जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ सिंह को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी बनाया गया है।
सवाल भी होंगे, जवाब भी और सदन में होगी चर्चा
राष्ट्रीय युवा संसद योजना के निर्धारित पोर्टल पर विद्यालयों को किशोर सभा के तहत पंजीकरण कराना होगा। प्रधानाचार्य की स्वीकृति के बाद कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। एक युवा संसद में करीब 50 से 55 विद्यार्थी शामिल होंगे।
चयनित विद्यार्थियों को भूमिका के अनुसार प्रश्न पूछने, जवाब देने, चर्चा करने और प्रस्ताव रखने का अभ्यास कराया जाएगा। सदन के लिए अध्यक्ष का चयन होगा और मंत्रिपरिषद का गठन किया जाएगा। सत्ता पक्ष विपक्ष के सवालों का जवाब देगा। विभिन्न ज्ञानवर्धक और लोकतांत्रिक विषयों पर सदन में चर्चा होगी।
नेतृत्व और तर्क क्षमता विकसित करने पर जोर
युवा संसद का उद्देश्य विद्यार्थियों को संसद की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था और संसदीय प्रक्रियाओं की समझ देना है। इसके जरिए विद्यार्थियों को अपनी बात रखने, तर्क करने और सदन की कार्यवाही को समझने का अवसर मिलेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ सिंह ने बताया कि सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रतियोगिता आयोजित कराने के निर्देश दिए जाएंगे। शासनादेश के अनुसार विद्यालय स्तर पर आयोजन होगा। प्रधानाचार्य को विद्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा।









