लखनऊ। लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में ऑनलाइन निवेश, रियल एस्टेट और ट्रेडिंग कंपनी में पैसा लगाने के नाम पर करीब 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रुचिखंड निवासी अभिषेक कुमार का आरोप है कि औरैया निवासी दीपक सिंह ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उनसे अलग-अलग यूपीआई और बैंक खातों में रकम जमा कराई। शुरुआत में कुछ समय तक निवेश पर रिटर्न दिया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।
रियल एस्टेट कंपनी में काम के दौरान हुई मुलाकात
अभिषेक के मुताबिक, वह तेलीबाग स्थित महातेजस रियल एस्टेट कंपनी में काम करते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात दीपक सिंह से हुई। आरोप है कि दीपक ने खुद को अमेजिंग लाइफ कॉइन समेत कई कंपनियों का संचालक बताया। उसने गोमतीनगर स्थित साइबर हाइट्स बिल्डिंग में कार्यालय खोल रखा था, जहां मीटिंग के दौरान अभिषेक को निवेश पर अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाया गया।
अलग-अलग खातों में जमा कराए 55 लाख
अभिषेक का आरोप है कि दीपक के झांसे में आकर उन्होंने करीब 55 लाख रुपये उसके कोटक महिंद्रा बैंक खाते और कई यूपीआई खातों में जमा किए। शुरुआती दौर में निवेश की रकम पर कुछ समय तक रिटर्न मिलता रहा। इससे उन्हें निवेश के सुरक्षित होने का भरोसा हुआ। बाद में आरोपी ने भुगतान करना बंद कर दिया।
रकम मांगने पर जमीन में निवेश की बात कही
जब अभिषेक ने अपनी रकम वापस मांगी तो दीपक ने बताया कि उनका पैसा जमीन खरीदने में लगाया जा चुका है। आरोपी ने रकम के बदले अभिषेक के नाम प्लॉट की रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिया। काफी समय बीतने के बावजूद न तो प्लॉट की रजिस्ट्री हुई और न ही निवेश की रकम वापस मिली।
जांच में फर्जी निकले जमीन के दस्तावेज
अभिषेक ने जब जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई तो उनके फर्जी होने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि इसके बाद दीपक ने अपना कार्यालय बंद कर दिया और फरार हो गया। अभिषेक का दावा है कि आरोपी ने ट्रेडिंग और निवेश कंपनियों के नाम पर इसी तरह अन्य लोगों से भी रकम जुटाई और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की।
मुकदमा दर्ज, आरोपी की तलाश
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर आलोक राव के मुताबिक, मामले में आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है, ताकि धोखाधड़ी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।









