लखनऊ/पटना/भोपाल/जयपुर। मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। चक्रवात के असर से मध्य प्रदेश के 9 जिलों में अगले चार दिनों तक बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी बारिश की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है।
यूपी में आंधी-बारिश के साथ गिरे ओले
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर में सोमवार रात आंधी के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर ओले भी गिरे। तेज आंधी के कारण पेड़ और बिजली के पोल गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ।
पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य की करीब 10 नदियां उफान पर हैं। लखनऊ, सीतापुर समेत 11 जिलों में बाढ़ का असर बताया गया है।
लखनऊ में लगातार बढ़ रहा गोमती का जलस्तर
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार आठवें दिन बढ़ रहा है। इसके चलते नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। फैजुल्लागंज क्षेत्र में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
यहां करीब 40 हजार घरों में चार से पांच फीट तक पानी भरने की जानकारी है। बाढ़ का पानी मां चंद्रिका देवी मंदिर और हनुमंत धाम परिसर तक भी पहुंच गया है।
20 साल बाद लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा पानी
फैजुल्लागंज क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पानी पहुंच गया। बताया जा रहा है कि करीब 20 साल बाद मंदिर के गर्भगृह में इस तरह पानी पहुंचा है।
इससे पहले वर्ष 2006 में ऐसी स्थिति बनी थी। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
यह भी पढ़े :https://www.tamsasanket.com/form-6-vivad-bjp-rahul-gandhi/
बिहार में 466 गांव बाढ़ की चपेट में
बिहार में भी बाढ़ का असर व्यापक है। राज्य के छह जिलों के करीब 466 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। बाढ़ से करीब आठ लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। अब तक करीब 92,730 बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सारण जिले में स्थिति ज्यादा गंभीर है, जहां करीब 3.55 लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी है।









