आधार कार्ड में नाम बदलने के नियम बदले

स्पेलिंग सुधार से लेकर शादी के बाद सरनेम बदलने तक के लिए अब अलग-अलग दस्तावेज जरूरी, UIDAI करेगा कागजों की जांच

नई दिल्ली। अगर आपके आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत है, शादी के बाद सरनेम बदलना है या किसी वजह से पूरा नाम बदलना चाहते हैं, तो अब प्रक्रिया पहले से अलग हो गई है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार में नाम सुधार और बदलाव से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत नाम में किए जाने वाले अलग-अलग तरह के बदलाव के लिए अलग-अलग दस्तावेज देने होंगे। एक ही दस्तावेज के आधार पर हर तरह का नाम परिवर्तन नहीं कराया जा सकेगा। UIDAI फर्जीवाड़े को रोकने के लिए जमा किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच भी करेगा।

छोटी गलती को माना जाएगा Minor Name Change

अगर आधार में नाम की छोटी-मोटी स्पेलिंग गलत है, मिडिल या लास्ट नेम जोड़ना अथवा हटाना है या नाम का क्रम बदलना है, तो इसे Minor Name Change की श्रेणी में रखा जाएगा।

उदाहरण के तौर पर Ram को Rama करना या नाम के हिस्से में मामूली सुधार करना इस श्रेणी में आ सकता है। ऐसे बदलाव के लिए एक मान्य पहचान दस्तावेज देना होगा।

18 साल से कम उम्र के बच्चों के मामले में परिवार के मुखिया के आधार पर Proof of Relationship भी मान्य रहेगा।

ऑपरेटर की गलती से नाम गलत दर्ज हुआ तो क्या करें?

अगर आपके पास मौजूद मूल दस्तावेजों में नाम सही था, लेकिन आधार बनाते या अपडेट करते समय ऑपरेटर की गलती से नाम गलत दर्ज हो गया, तो इसके लिए अलग प्रक्रिया होगी।

ऐसे मामलों में वयस्कों को Annexure B के साथ पहचान संबंधी प्रमाण देना होगा। बच्चों के लिए Annexure C फॉर्म और पहचान या संबंध का प्रमाण लगाया जाएगा।

इस स्थिति में नया नाम आपके पहले जमा किए गए दस्तावेजों से मेल खाना चाहिए। अगर दस्तावेजों में दिए गए नाम और नए नाम के बीच अंतर पाया जाता है, तो अपडेट की रिक्वेस्ट खारिज हो सकती है।

शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलने के लिए Annexure D

शादी के बाद सरनेम बदलना हो या तलाक के बाद नाम में बदलाव करना हो, तो इसके लिए पहचान पत्र के साथ Annexure D का एफिडेविट देना होगा।

एफिडेविट में स्पष्ट करना होगा कि नाम या सरनेम में किया जा रहा बदलाव शादी या तलाक की वजह से है। इसके विकल्प के तौर पर रजिस्टर्ड मैरिज सर्टिफिकेट भी मान्य दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

जेंडर चेंज के बाद नाम बदलने पर भी दस्तावेज जरूरी

जेंडर चेंज के बाद नाम बदलने के लिए भी पहचान से जुड़ा वैध दस्तावेज देना होगा। यानी नाम में बदलाव किस कारण से किया जा रहा है, उसके आधार पर UIDAI की ओर से अलग दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

पूरे नाम में बदलाव के लिए दस्तावेजों की जांच

आधार में पूरा नाम बदलने के मामलों में दस्तावेजों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। UIDAI की ओर से जमा किए गए कागजात की जांच की जाएगी, ताकि किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके नाम बदलने या फर्जी आधार अपडेट कराने की कोशिश को रोका जा सके।

इसलिए आधार अपडेट कराने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवेदन में दर्ज नया नाम आपके वैध सरकारी दस्तावेजों में दिए गए नाम से मेल खाता हो।

आधार अपडेट कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

नाम में बदलाव कराने से पहले यह तय करें कि आपका मामला मामूली स्पेलिंग सुधार का है, शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलने का है या किसी अन्य कारण से पूरा नाम बदलना है। उसी के अनुसार जरूरी फॉर्म और दस्तावेज तैयार करें।

यह भी पढ़े :https://www.tamsasanket.com/sone-ka-bhav-6-october-2026/

गलत या आपस में मेल न खाने वाले दस्तावेज जमा करने पर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। इसलिए आधार अपडेट सेंटर पर जाने से पहले जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जांच लेना बेहतर रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button