अंबेडकरनगर। अकबरपुर के गौहन्ना में गाटा संख्या 614-गा की जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में जिला अदालत ने अहम आदेश दिया है। जिला जज चंद्रोदय कुमार की अदालत ने राज्य सरकार और अकबरपुर नगर पालिका की आपत्तियां खारिज करने के निचली अदालत के आदेश को निरस्त कर दिया। अब दोनों पक्षों की आपत्तियों पर नए सिरे से सुनवाई होगी। अदालत ने निचली अदालत को यथासंभव तीन माह में कार्यवाही पूरी करने का निर्देश दिया है। अंतिम निर्णय होने तक विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने को भी कहा है।
डिक्री के निष्पादन के दौरान सरकार और पालिका ने जताया अधिकार
यह मामला देव नारायण व अन्य बनाम झिनकू व अन्य से संबंधित है। वर्ष 1995 में दाखिल मूल वाद में 17 दिसंबर 2021 को डिक्री पारित हुई थी। इसके निष्पादन के दौरान राज्य सरकार और अकबरपुर नगर पालिका ने गाटा संख्या 614-गा पर अपने स्वतंत्र अधिकार, स्वामित्व और कब्जे का दावा करते हुए आपत्तियां दाखिल कीं।
निचली अदालत ने 28 सितंबर के आदेश में दोनों आपत्तियों को खारिज कर दिया था। उसका आधार यह था कि राज्य सरकार और नगर पालिका मूल वाद में पक्षकार नहीं थीं। इसके बाद इस आदेश को जिला अदालत में चुनौती दी गई।
तीसरे पक्ष के दावे को सुनवाई से बाहर नहीं किया जा सकता
जिला जज ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि डिक्री के निष्पादन की कार्यवाही में तीसरे पक्ष के स्वतंत्र अधिकार, स्वामित्व या कब्जे के दावे पर सुनवाई की जा सकती है। दावा सही है या गलत, कमजोर है या देरी से किया गया है, इसका निर्णय सुनवाई के बाद होना चाहिए।









