अंबेडकरनगर। विकासखंड जलालपुर के सुरहुरपुर स्थित बिंदेश्वर एकेडमी में बच्चों की सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों को लेकर विधिक जागरूकता एवं साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जन शिक्षण केंद्र और रिबिल्ड फंड इंडिया (दसरा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को पॉक्सो कानून, गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम और निःशुल्क कानूनी सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों ने “रोटी, खेल, पढ़ाई, प्यार – हर बच्चे का है अधिकार” के नारे के साथ की।
बच्चों को बताए गए उनके कानूनी अधिकार
जन शिक्षण केंद्र की सचिव पुष्पा पाल ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण मिलना उसका अधिकार है। उन्होंने बच्चों को गुड टच-बैड टच की पहचान, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण की रोकथाम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में बेटा और बेटी समान हैं और दोनों को समान अवसर व अधिकार मिलने चाहिए।
बाल विवाह कानून और पॉक्सो अधिनियम की दी जानकारी
कार्यक्रम समन्वयक हेमलता ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या उसका आयोजन करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
जन शिक्षण केंद्र के कार्यकर्ता रामहित ने पॉक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न, अनुचित स्पर्श, अश्लील बातचीत, अश्लील सामग्री दिखाने, ऑनलाइन उत्पीड़न और धमकाने को गंभीर अपराध बताते हुए ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।









