इंसानी दिमाग बनेगा चीन का अगला बड़ा कारोबार

BCI टेक्नोलॉजी में अमेरिका को चुनौती देने की तैयारी

लंदन। चीन अब ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) टेक्नोलॉजी को भविष्य की प्रमुख इंडस्ट्री के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स और फ्यूजन पावर की तरह इस क्षेत्र में भी चीन वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति बनाना चाहता है। इस तकनीक के जरिए दिमाग से मिलने वाले संकेतों को समझकर मशीनों को नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ प्रणालियां मशीन से संकेत दिमाग तक पहुंचाने की दिशा में भी काम करती हैं।

BCI टेक्नोलॉजी को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। अमेरिका में एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक इस क्षेत्र में चर्चित है, जबकि चीन सरकार शोध, चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा के स्तर पर इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

क्या है ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस टेक्नोलॉजी?

ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस ऐसी तकनीक है, जो मस्तिष्क की गतिविधियों से संकेत लेकर उन्हें कंप्यूटर या किसी दूसरे उपकरण के निर्देशों में बदल सकती है। इसका इस्तेमाल भविष्य में उन लोगों की मदद के लिए किया जा सकता है, जिन्हें लकवा है या जिनके हाथ-पैर काम नहीं करते।

इस तकनीक की मदद से विशेष परिस्थितियों में कंप्यूटर चलाने, कृत्रिम अंगों को नियंत्रित करने और संवाद करने जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। हालांकि, हर BCI सिस्टम एक जैसा नहीं होता। कुछ उपकरण सिर पर सेंसर लगाकर काम करते हैं, जबकि कुछ के लिए सर्जरी के जरिए मस्तिष्क में इम्प्लांट लगाना पड़ता है।

बायोनिक हाथ से पियानो बजाने का प्रदर्शन

चीन के हांगझोउ शहर की स्टार्टअप कंपनी ब्रेनको की प्रदर्शनी में इस तकनीक के संभावित इस्तेमाल की झलक देखने को मिली। यहां हाथ गंवा चुका एक व्यक्ति बायोनिक बांह की मदद से पियानो बजाता दिखाई दिया। इसके बाद उसने कृत्रिम बांह को आसानी से उतारकर भी दिखाया।

प्रदर्शनी में कृत्रिम पैर का इस्तेमाल करने वाला एक अन्य व्यक्ति चलते हुए दर्शकों से पूछता नजर आया कि उसका असली पैर कौन-सा है। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य यह दिखाना था कि तकनीक की मदद से कृत्रिम अंगों के इस्तेमाल को किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है।

प्रदर्शनी के दौरान एक रिपोर्टर को मास्क पहनाकर माथे के पास हल्का विद्युत प्रवाह दिया गया। इसे आराम महसूस कराने के प्रयोग के रूप में पेश किया गया। हालांकि, इस तरह के प्रदर्शन को BCI की सभी प्रणालियों की क्षमता या प्रभावशीलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

चीन सरकार क्यों दे रही है BCI को बढ़ावा?

चीन ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस को उभरते तकनीकी क्षेत्र के तौर पर देख रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, देश की पंचवर्षीय योजना में न्यूरोटेक्नोलॉजी को महत्व दिया गया है। साल 2024 में BCI शोध से जुड़े नैतिक दिशानिर्देश बनाए गए और 2025 में अस्पतालों में इसके उपचार संबंधी इस्तेमाल के लिए शुल्क तथा बिलिंग कोड तय किए जाने की जानकारी सामने आई।

इस तरह के कदमों का उद्देश्य शोध को व्यवस्थित करना और चिकित्सा सेवाओं में नई तकनीक को अपनाने की प्रक्रिया आसान बनाना है। तकनीक के विस्तार के साथ मरीजों की सुरक्षा, निजी मस्तिष्क-संबंधी डेटा की सुरक्षा और नैतिक मानकों का पालन भी महत्वपूर्ण होगा।

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