अंबेडकरनगर। कटेहरी विकासखंड की सारंगपुर ग्राम सभा में तीन विकास कार्यों के भुगतान को लेकर सवाल उठे हैं। कूड़ा गाड़ी की मरम्मत, सड़क पर राबिस डालने और इंटरलॉकिंग के लिए कुल 3.21 लाख रुपये खर्च किए जाने पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। शिकायत के बाद विभागीय टीम ने जांच की, जिसमें कार्यों को सही पाया गया।
कूड़ा गाड़ी की मरम्मत पर 64 हजार खर्च
ग्रामीणों के अनुसार, ई-रिक्शा यानी कूड़ा गाड़ी की मरम्मत के नाम पर 64 हजार रुपये का भुगतान किया गया। उनका कहना है कि गांव में अब तक आरसी सेंटर या कूड़ा घर नहीं बना है। कूड़ा उठाने का नियमित काम भी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में मरम्मत पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
सड़क और इंटरलॉकिंग के काम पर भी आपत्ति
पंचायत भवन से छोटू की दुकान तक सड़क पर राबिस और ईंट के टुकड़े डालने के लिए 92 हजार रुपये का भुगतान हुआ। ग्रामीणों का दावा है कि सड़क पर करीब सात से आठ ट्रॉली राबिस डाली गई। ईंट के टुकड़ों के इस्तेमाल की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
वहीं, होलिका दहन स्थल से हनुमान मंदिर तक इंटरलॉकिंग कार्य पर 1.65 लाख रुपये खर्च किए गए। स्थलीय पड़ताल के दौरान कुछ लोगों ने इंटरलॉकिंग के किनारे बॉर्डर पर पीसीसी कार्य अधूरा होने की बात कही।
तीन सदस्यीय टीम ने की जांच
ग्रामीण केशवराम, रुकुम केश वर्मा, प्रमोद और राम प्रकाश समेत अन्य लोगों ने भुगतान और कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि उन्हें खर्च और भुगतान का पूरा ब्योरा नहीं मिला।









