नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के गठन यानी 2017 से लेकर 2025 तक उसका कोई पेपर लीक नहीं हुआ। शिक्षा पर संसद की स्थायी समिति के सामने उच्च शिक्षा विभाग ने कहा कि परीक्षाओं में धांधली और रुकावट की घटनाएं जरूर हुईं, लेकिन पेपर लीक नहीं हुआ।
संसदीय समिति के सदस्यों ने जताई असहमति
मंत्रालय के इस दावे पर समिति के कुछ सदस्यों ने असहमति जताई। राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में NTA से जुड़े अदालती मामलों का जिक्र किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट में 474 मामलों के अदालतों में चलने की जानकारी दी गई है।
NEET से जुड़े 356 मामले दर्ज
रिपोर्ट के अनुसार, इन मामलों में कुछ ऐसे भी हैं, जिनमें NTA खुद याचिकाकर्ता है। वर्ष 2024 में अकेले NEET परीक्षा को लेकर 356 मामले दर्ज हुए। वहीं, NTA से जुड़े 69 मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित बताए गए हैं।
पेपर लीक के दावे और अदालती मामलों पर चर्चा
शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि NTA के गठन से 2025 तक पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि संसदीय समिति की रिपोर्ट में एजेंसी से जुड़े मुकदमों की संख्या सामने रखी गई है। हालांकि, अदालतों में लंबित मामलों की संख्या अपने आप में पेपर लीक साबित नहीं करती। इन मामलों की प्रकृति और उनमें सामने आए तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है।









