लखनऊ। चंद्रमा की दूधिया रोशनी में संगमरमर जैसी चमक, झिलमिलाती लाइटें और बारीक नक्काशी। राजधानी के जानकीपुरम में तैयार किया गया दुर्गा पूजा पंडाल इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। राम मंदिर की तर्ज पर तैयार इस भव्य पंडाल की सजावट और विशाल संरचना देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
राम मंदिर की तर्ज पर तैयार हुआ पंडाल
जानकीपुरम में बना यह दुर्गा पूजा पंडाल करीब दो लाख वर्गफीट क्षेत्र में फैला है। इसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई 110-110 फीट बताई गई है। पंडाल के भीतर 18 फीट ऊंची इको-फ्रेंडली मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। दूधिया रोशनी और आकर्षक सजावट इसे खास रूप दे रही है।
बंगाल के 54 कारीगरों ने तीन महीने में किया तैयार
पंडाल को भव्य स्वरूप देने के लिए पश्चिम बंगाल से आए 54 कारीगरों ने करीब तीन महीने तक दिन-रात मेहनत की। इसके निर्माण में लगभग 20 हजार बांस, सात हजार मीटर कपड़े और 300 लीटर पेंट का इस्तेमाल किया गया है। बारीक कारीगरी और रोशनी की व्यवस्था के चलते पंडाल को देखने आने वाले लोग इसकी भव्यता की सराहना कर रहे हैं।
1995 में हुई थी आयोजन की शुरुआत
उत्सव पूजा समिति के संयोजक सौरभ बंधु उपाध्याय के मुताबिक, दुर्गा पूजा आयोजन की शुरुआत वर्ष 1995 में हुई थी। इस बार आयोजन का 32वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है। पूजा के साथ श्रद्धालुओं और परिवारों के मनोरंजन के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
किड्स जोन, फूड स्टॉल और झूलों की व्यवस्था
पंडाल परिसर में बच्चों के लिए किड्स जोन, खाने-पीने के लिए फूड स्टॉल और झूलों की व्यवस्था की गई है। इससे पूजा देखने आने वाले परिवारों को धार्मिक आयोजन के साथ मनोरंजन का भी अवसर मिल रहा है।
सुरक्षा के लिए लगाए गए CCTV कैमरे
आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया है। पंडाल परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। भव्य सजावट, धार्मिक माहौल और मनोरंजन की व्यवस्थाओं के कारण जानकीपुरम का यह पंडाल राजधानी में दुर्गा पूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गया है।









