नई दिल्ली। अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने जुलाई-सितंबर तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर ₹3,682 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,120 करोड़ था।
इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 24 प्रतिशत बढ़कर ₹11,340 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने ₹9,167 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स और समुद्री कारोबार में बढ़ोतरी को कंपनी के प्रदर्शन की प्रमुख वजह बताया गया है।
EBITDA 23% बढ़कर ₹6,807 करोड़
कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी EBITDA सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर ₹6,807 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹5,550 करोड़ था। EBITDA में बढ़ोतरी कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में सुधार को दर्शाती है।
विस्तार पर ₹17,000 करोड़ तक खर्च करने की योजना
अडाणी पोर्ट्स ने कारोबार विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स के लिए अपने सालाना पूंजीगत खर्च का बजट ₹3,000 करोड़ बढ़ाया है। अब कंपनी पूरे साल में ₹15,000 करोड़ से ₹17,000 करोड़ तक खर्च करने की योजना बना रही है।
कंपनी का लक्ष्य 2031 तक देश और विदेश में अपने बंदरगाहों तथा परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके लिए नए बंदरगाहों, टर्मिनलों और समुद्री कारोबार से जुड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश किया जा रहा है।
छह महीने में ₹13,327 करोड़ का कैश फ्लो
कंपनी के मुताबिक, पिछले छह महीनों में मुख्य कारोबार से ₹13,327 करोड़ का कैश आया। इसमें से ₹10,521 करोड़ नए प्रोजेक्ट्स और कारोबार के विस्तार पर खर्च किए गए। निवेश के बाद भी कंपनी के पास ₹12,502 करोड़ का नकद भंडार मौजूद था।
कंपनी ने अपनी सालाना कमाई के मुकाबले कर्ज का अनुपात 1.8 गुना बताया है। यह अनुपात कंपनी की कर्ज स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण पैमाना है, हालांकि वित्तीय जोखिम का आकलन करने के लिए ब्याज लागत, नकदी प्रवाह और कर्ज चुकाने की समयसीमा भी देखना जरूरी है।
शेयर ₹1,756 पर, बाजार पूंजीकरण ₹4.05 लाख करोड़
तिमाही नतीजों के बाद अडाणी पोर्ट्स का शेयर करीब ₹1,756 पर कारोबार कर रहा था। इस भाव पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹4.05 लाख करोड़ बताया गया। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, शेयर ने इस साल अब तक 20.1 प्रतिशत का रिटर्न दिया, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में 12.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
शेयर बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए ये आंकड़े संबंधित कारोबारी समय के संदर्भ में ही देखे जाने चाहिए।
देश का सबसे बड़ा निजी पोर्ट ऑपरेटर
अडाणी पोर्ट्स भारत का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह संचालक और एकीकृत लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता है। कंपनी के अनुसार, उसके 15 बंदरगाह और टर्मिनल देश की कुल बंदरगाह क्षमता के करीब 25 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंपनी की कुल क्षमता 627 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) से अधिक बताई गई है।
बंदरगाह संचालन के साथ लॉजिस्टिक्स और परिवहन नेटवर्क का विस्तार कंपनी की दीर्घकालिक कारोबारी रणनीति का हिस्सा है।









