कानपुर। कानपुर में यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए 12वीं पास अंकित संखवार के परिवार ने उसे निर्दोष बताया है। अंकित की मां सावित्री का कहना है कि उनका बेटा डिजिटल मार्केटिंग का काम करता था और रात में लैपटॉप पर काम करता था। उन्हें भरोसा नहीं है कि वह किसी आतंकी गतिविधि में शामिल हो सकता है। मां ने भावुक होकर कहा कि उनके लीवर में छेद की समस्या थी और आंखों में मोतियाबिंद भी है। बेटा ही उनका इलाज कराता था, लेकिन अब उसकी गिरफ्तारी के बाद इलाज कैसे होगा?
पिता ने रिक्शा चलाकर पढ़ाया, बुढ़ापे का सहारा बनने की थी उम्मीद
अंकित की मां सावित्री ने बताया कि उनके पति प्रहलाद ने रिक्शा चलाकर बेटे को पढ़ाया था। परिवार को उम्मीद थी कि पढ़ाई और काम के बाद बेटा बुढ़ापे में उनका सहारा बनेगा। सावित्री के मुताबिक, अंकित डिजिटल मार्केटिंग का काम करता था। जब उससे पूछा जाता था कि लैपटॉप पर क्या कर रहा है तो वह कहता था कि गेम खेल रहा है।
पिता प्रहलाद ने भी बेटे पर लगे आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि अंकित ने करीब छह महीने पहले गोविंदनगर से किस्तों पर पुराना लैपटॉप खरीदा था। परिवार का कहना है कि उन्हें उसके काम के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी।
मां बोलीं- अब मेरा इलाज कौन कराएगा?
सावित्री ने रोते हुए बताया कि उनके लीवर में छेद की समस्या है और आंखों में मोतियाबिंद भी है। शहर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जिसका खर्च बेटा उठाता था। अब अंकित के एटीएस की गिरफ्त में होने से परिवार के सामने इलाज और रोजमर्रा के खर्च की चिंता खड़ी हो गई है।
मां का कहना है कि परिवार को कभी अंदेशा नहीं था कि अंकित पर इस तरह के गंभीर आरोप लग सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा निर्दोष है और उसे बर्रा में रहने वाले एक दोस्त ने फंसाया है। यह परिवार का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यूपी, दिल्ली और गुरुग्राम के स्कूलों को भेजे थे धमकी भरे ईमेल
पुलिस और एटीएस के मुताबिक, 24 अक्टूबर को कानपुर से अंकित को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उसने ईमेल के जरिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और गुरुग्राम के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इसके अलावा अभिनेता दिलजीत दोसांझ को भी धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के रोने की बात भी सामने आई। हालांकि, धमकी भरे ईमेल भेजने और अन्य गतिविधियों में उसकी भूमिका को लेकर जांच जारी है।
4 लाख से अधिक फर्जी ईमेल आईडी बेचने का आरोप
यूपी एटीएस के अनुसार, अंकित फर्जी ईमेल आईडी बनाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्किये, मिस्र और अमेरिका समेत कई देशों में बैठे लोगों को बेचता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इन ईमेल आईडी का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में किया जाता था।
एटीएस के मुताबिक, आरोपी ने चार लाख से अधिक फर्जी ईमेल आईडी बेची थीं। प्रत्येक आईडी के बदले उसे 20 से 50 डॉलर तक मिलते थे। एजेंसी इन ईमेल आईडी के इस्तेमाल, उनसे जुड़े लोगों और कथित नेटवर्क की जांच कर रही है।









