कश्मीर हमले के बाद देशभर में गुस्सा- सरकार का अगला कदम क्या होगा?

  • पाकिस्तानी नागरिकों के लिए 27 अप्रैल तक की समय सीमा, सरकार की सख्त चेतावनी
  • अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ छापेमारी तेज
  • अमृतसर बॉर्डर से 537 पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी, क्या है इसका मतलब?

नई दिल्ली। 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोगों की मौत हुई) के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कार्रवाई की घोषणा की है। विदेश मंत्रालय ने भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश दिया है, जबकि मेडिकल वीजा पर आए लोगों के लिए अंतिम तिथि 29 अप्रैल है। इसके साथ ही अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

अमृतसर बॉर्डर से 537 पाकिस्तानी वापस, 850 भारतीय लौटे

अटारी बॉर्डर से रविवार तक 537 पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा जा चु

राजस्थान: 109 पाकिस्तानी वापस, लेकिन एक हिंदू परिवार नहीं लौटना चाहता

राजस्थान से अब तक 109 पाकिस्तानी नागरिकों को अटारी बॉर्डर से वापस भेजा गया है। इनमें ज्यादातर जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर में रह रहे थे। हालांकि, बाड़मेर का एक 18 सदस्यीय हिंदू परिवार (6 महिलाएं, 5 बच्चे, 7 पुरुष) भारत में ही रुकना चाहता है। परिवार ने सीआईडी को बताया कि उनका 45 दिन का वीजा है, लेकिन वे पाकिस्तान नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा, “हमने वहां सब कुछ छोड़ दिया है, अब हम भारत में ही बसना चाहते हैं।”

छत्तीसगढ़: पासपोर्ट और वीजा होने के बावजूद भाई-बहन पर केस

रायगढ़ (छत्तीसगढ़) में दो पाकिस्तानी भाई-बहन (जिनके पास वैध पासपोर्ट और लॉन्ग टर्म वीजा था) पर फर्जी वोटर आईडी बनवाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया है।

का है, जबकि पाकिस्तान से 850 भारतीय नागरिक भारत लौट आए हैं। राज्यों की इंटेलिजेंस एजेंसियां पाकिस्तानी और बांग्लादेशी अ

हरियाणा: 460 पाकिस्तानियों की लिस्ट, ज्यादातर हिंदू परिवार

हरियाणा में 460 पाकिस्तानी नागरिकों की सूची तैयार की गई है, जिनमें अधिकांश हिंदू परिवार हैं। पुलिस और सीआईडी की संयुक्त टीमें उन्हें हिरासत में लेकर वापस भेजने की कार्रवाई कर रही हैं। रविवार को हिसार के एक परिवार और गुरुग्राम की एक महिला को पाकिस्तान भेजा गया।

वैध नागरिकों की तलाश में जुटी हैं।

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