क्यों मोदी और स्टार्मर की ये बातचीत मील का पत्थर मानी जा रही है?

  • क्या भारत-UK डील से सस्ती हो जाएंगी आपकी पसंदीदा लग्जरी कार?
  • अब भारत में ब्रांडेड व्हिस्की और वाइन पर नहीं देना होगा भारी टैक्स!
  • टेक्सटाइल और फुटवियर इंडस्ट्री को मिलेगा नया एक्सपोर्ट बूस्ट

नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) ने आपसी द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। दोनों देशों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते से भारत में ब्रिटेन की लग्जरी कारें, ब्रांडेड फैशन प्रोडक्ट्स, स्कॉच व्हिस्की और इलेक्ट्रॉनिक सामान पहले से सस्ते हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने विचार साझा करते हुए कहा,
“अपने मित्र प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से बात कर अत्यंत प्रसन्नता हुई। भारत और ब्रिटेन के बीच FTA और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन के सफल निष्पादन से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।”
उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार, निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन के नए अवसर पैदा करेगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि वह शीघ्र ही प्रधानमंत्री स्टार्मर का भारत में स्वागत करने को उत्सुक हैं।

FTA से भारत और UK को क्या मिलेगा फायदा?

भारतीय उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभ:

  • कारें: विशेष रूप से जगुआर लैंड रोवर जैसी लग्जरी कारें अब कम कीमत में मिल सकती हैं।

  • स्कॉच व्हिस्की और वाइन: ब्रिटेन से आयातित शराब पर 150% तक का टैरिफ कम हो सकता है।

  • ब्रांडेड कपड़े और होमवेयर: फैशन, फुटवियर और होम डेकोर की वस्तुएं सस्ती होंगी।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी: ब्रिटेन से आने वाली इंडस्ट्रियल मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों पर टैरिफ में राहत मिलेगी।

UK में भारतीय उत्पाद होंगे सस्ते:

  • भारत के रत्न और आभूषण, टेक्सटाइल, फुटवियर, कार्पेट्स, फलों (जैसे आम, अंगूर) और सी फूड पर ब्रिटेन में लगने वाली ड्यूटी में कटौती की जाएगी।

    डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन से किसे होगा फायदा?

    यह समझौता प्रवासी भारतीय कर्मचारियों के लिए वरदान साबित होगा। इसके तहत विदेश में कार्यरत भारतीयों को दोहरी सोशल सिक्योरिटी कटौती (जैसे पेंशन, पीएफ आदि) से राहत मिलेगी। अब वे केवल एक ही देश में योगदान देंगे, जिससे उनकी सैलरी से दो बार कटौती नहीं होगी।

    समझौता कब से चल रहा था?

    भारत और UK के बीच इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत 13 जनवरी 2022 से शुरू हुई थी, जो करीब 3.5 साल बाद अब पूरी हुई है। 24 फरवरी 2025 को भारत के कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल और UK के ट्रेड सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को तेज किया।

    भारत का FTA फोकस अब पश्चिम की ओर

    2014 के बाद भारत ने मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय EFTA ब्लॉक के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। अब भारत का फोकस ASEAN और जापान-कوريا जैसे पूर्वी देशों से हटकर EU और अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों की ओर बढ़ रहा है।

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