
- कुपोषित बच्चों वाले परिवारों को मिली दुधारू गायें
- हर गोवंश पर 1500 रुपये मासिक सहायता
- ग्रामीण आजीविका और पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा
अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर में गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को गो-संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष गोवंश सुपुर्दगी अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत जिले के विभिन्न गो-आश्रय स्थलों से कुल 211 गोवंश पात्र लाभार्थियों को सुपुर्द किए गए।अभियान के तहत 117 परिवारों को यह लाभ मिला। कार्यक्रम अलग-अलग गो-आश्रय स्थलों पर आयोजित किया गया, जहां चयनित लाभार्थियों को नियमानुसार गोवंश दिए गए।
हरख कौड़हा, चाचिकपुर और बनगांव में हुआ मुख्य आयोजन
अकबरपुर स्थित हरख कौड़हा गो-आश्रय स्थल पर एमएलसी हरिओम पांडे ने लाभार्थियों को गोवंश सुपुर्द किए। भीटी के चाचिकपुर में विधायक धर्मराज निषाद की मौजूदगी में वितरण हुआ। वहीं बनगांव में जिलाधिकारी इशा प्रिया और मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने लाभार्थियों को गोवंश सौंपे।खण्डहरा और रतना सहित अन्य केंद्रों पर क्षेत्र पंचायत प्रमुखों और अधिकारियों की मौजूदगी में गोवंश सुपुर्द किए गए। पूरे जिले में 23 गो-आश्रय स्थलों पर यह अभियान एक साथ संचालित हुआ।
कुपोषण से राहत की दिशा में कदम, दुधारू गायें भी मिलीं
चिन्हित परिवारों को पोषण सुधार के लिए विशेष सहायता
अभियान में एक विशेष पहल के तहत कुपोषित बच्चों के परिवारों को भी दुधारू गायें दी गईं। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा चिन्हित परिवारों को यह सहायता उपलब्ध कराई गई।अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है।
हर गोवंश पर 1500 रुपये की मासिक सहायता
पशुपालन को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की कोशिश
जिलाधिकारी इशा प्रिया ने बताया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत सुपुर्द किए गए प्रत्येक गोवंश के पालन-पोषण के लिए लाभार्थियों को 1500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।









