
अम्बेडकरनगर। खरीफ सीजन से पहले जिले में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि जनपद में यूरिया और फास्फेटिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसानों को उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी।
मई माह तक यूरिया के 3470 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 16859 मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया है। डीएपी के 1352 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 5399 मीट्रिक टन उपलब्धता दर्ज की गई है।
इसी तरह एनपीके के 196 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 3265 मीट्रिक टन, एसएसपी के 2511 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 14815 मीट्रिक टन और एमओपी के 174 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 157 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हुआ है।
वितरण के बाद भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद
विभाग के अनुसार वितरण के बाद वर्तमान समय में सहकारिता और निजी क्षेत्र में संयुक्त रूप से यूरिया 15609 मीट्रिक टन, डीएपी 5142 मीट्रिक टन, एनपीके 3094 मीट्रिक टन, एसएसपी 14412 मीट्रिक टन और एमओपी 136 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
कृषि विभाग ने कहा कि किसानों को जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।
फुटकर विक्रेताओं को सख्त निर्देश
जिला कृषि अधिकारी ने सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि किसानों द्वारा बोई गई फसल की अनुशंसा के अनुसार ही उर्वरक वितरित किया जाए।
विक्रेताओं को वितरण रजिस्टर में यह दर्ज करना होगा कि उर्वरक किस फसल के लिए दिया जा रहा है।
यदि बिना बोई गई फसल के नाम पर अधिक मात्रा में उर्वरक बिक्री की गई तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।









