संचारी रोग नियंत्रण अभियान के बीच चूहों के बढ़ते प्रकोप पर अलर्ट

अम्बेडकरनगर में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान संक्रमण से फैलने वाले रोगों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी बीच धान की कटाई शुरू होने से खेतों में चूहों का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई गई है।

कृषि विभाग के अनुसार चूहे और छछूंदर न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि इनके जरिए स्क्रब टाइफस जैसे संक्रमण भी फैल सकते हैं। यह बीमारी किलनी के माध्यम से फैलती है, जो इन जानवरों के शरीर पर पाई जाती है। ऐसे में किसानों और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

न्याय पंचायत स्तर पर चल रहा विशेष अभियान

कृषि विभाग की ओर से चूहा और छछूंदर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। न्याय पंचायत स्तर पर छह दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें प्रशिक्षण, प्रदर्शन और जागरूकता बैठकों के जरिए किसानों को नियंत्रण के तरीके बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक चूहे दो प्रकार के होते हैं। एक घरों में पाए जाते हैं और दूसरे खेतों में। दोनों ही स्थिति में अलग-अलग सावधानी बरतना जरूरी है। घरों में अनाज को पक्के, कंक्रीट या धातु के बर्तनों में सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

छह दिन की प्रक्रिया से नियंत्रण पर जोर

खेतों में चूहों के नियंत्रण के लिए छह दिन की प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है। पहले दिन बिलों की पहचान कर उन्हें बंद किया जाता है। दूसरे और तीसरे दिन बिना जहर वाला चारा रखकर उनकी गतिविधि पर नजर रखी जाती है।

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