अंबेडकरनगर। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बिजनेस प्लान में विद्युत ढांचे को दुरुस्त करने के लिए 14 करोड़ 15 लाख 24 हजार रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मध्यांचल निदेशालय को भेजा गया है। बजट की स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्तावित कार्यों को धरातल पर उतारा जाएगा।
बिजली विभाग के मुताबिक जिले में करीब 4.40 लाख उपभोक्ताओं को आपूर्ति देने के लिए 42 विद्युत उपकेंद्र संचालित हैं। बिजनेस प्लान में इन उपकेंद्रों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ लाइन और ट्रांसफार्मर से जुड़े जरूरी कार्य शामिल किए गए हैं।
अकबरपुर से टांडा तक 2713 कामों का खाका
अकबरपुर, आलापुर, जलालपुर और टांडा सबडिवीजन में कुल 2713 कार्य प्रस्तावित हैं। विभाग ने सभी क्षेत्रों में कराए जाने वाले कार्यों की सूची तैयार कर ली है। इनमें बिजली नेटवर्क की क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने से जुड़े कार्य प्रमुख हैं।
जर्जर तारों की जगह नई लाइन, ट्रांसफार्मर भी होंगे मजबूत
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर विद्युत तारों को बदले जाने का प्रस्ताव है। जरूरत के मुताबिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही 11 हजार वोल्ट और 33 केवी की नई विद्युत लाइनें बिछाई जाएंगी।
विद्युत उपकेंद्रों के कायाकल्प के साथ कार्यालयों और उपकेंद्रों में सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। रात में रोशनी की व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना भी प्रस्ताव में शामिल है।
हाईवे पर तारों की जगह भूमिगत केबल
बिजली उपकेंद्रों पर पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं विकसित करने के साथ कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत का भी प्रस्ताव है। वहीं नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्गों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली तारों को हटाकर भूमिगत केबल डालने की योजना बनाई गई है।









